Author: Kevin Missal

Narasimha | नरसिंह | हिंदी बुक | केविन मिसाल | The Mahaavtar Trilogy ( Book 1) | महावतार भाग 1

  • Pages : 352
  • Category : Fiction
  • ISBN : 9789349965010
  • Publisher : MyMirror Publishing House Pvt.Ltd.
  • Availability : In Stock
  • Edition : Hindi Edition
  • Dimensions : 21 cm * 3 cm* 14 cm

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भाग्य से अलग हुए और दुःख से एकजुट हुए - विष्णु का अवतार। असुरों का राजा। एक विष्णु भक्त ।

एक समय का शूरवीर योद्धा नरसिंह, युद्ध का त्याग कर एक गांव में वैद्य के रूप में गुप्त रूप से रहने लगता है। लेकिन उसके अतीत का एक परिचित चेहरा उसके पास आता है और अंधे राजकुमार अंधक के अत्याचारों से बचाने के लिए मदद की गुहार लगाता है। यदि नरसिंह मना कर देता है, तो पूरी दुनिया तबाह हो जाएगी। अब वह क्या करेगा ? और वास्तव में उसके युद्ध छोड़ने के पीछे का कारण क्या था ? प्रह्लाद, काश्यपपुरी का अंतरिम राजा, अपने पिता के अन्यायपूर्ण विचारों और भगवान विष्णु के प्रति अपने प्रेम के बीच खींचतान में फंसा हुआ है। वह किसे चुनेगा ? हिरण्यकश्यप, असुर साम्राज्य का अधिपति, अपनी पत्नी की मृत्यु का बदला लेना चाहता है। इसके लिए उसे कठिन परीक्षाओं से गुज़रना और ब्रह्मशस्त्र प्राप्त करना आवश्यक है। लेकिन इन परीक्षाओं में पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। क्या हिरण्यकश्यप इसमें जीवित बच पाएगा ?

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